टी20 मैच का पूरा ढांचा कैसे काम करता है
टी20 मैच में हर टीम को बीस ओवर मिलते हैं, यानी कुल एक सौ बीस गेंदें। पहले छह ओवर पावरप्ले होते हैं जिनमें फील्डिंग पर सख्त बंदिशें होती हैं — सिर्फ दो फील्डर ही तीस-यार्ड घेरे से बाहर जा सकते हैं। इससे बल्लेबाज़ों को शुरुआत में खुलकर खेलने का मौका मिलता है। लखनऊ जैसे शहरों में क्रिकेट प्रेमी इन्हीं शुरुआती ओवरों पर
सबसे ज़्यादा ध्यान देते हैं। मध्य के ओवरों में स्पिनरों की भूमिका बढ़ जाती है और अंतिम चार ओवरों की डेथ-बॉलिंग पूरे मैच का रुख पलट सकती है। कुल मिलाकर टी20 प्रारूप तेज़, अनिश्चित और देखने में सबसे रोमांचक होता है।